कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना
जीने दो जालिम, बनाओ न दीवाना
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना...
कोई न जाने, इरादे है किधर के
कोई न जाने, इरादे है किधर के
मार न देना तीर नजर का, किसी के जिगर पे
मार न देना तीर नजर का, किसी के जिगर पे
नाजुक ये दिल है, बचाना ओ बचाना
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना..
तौबा जी तौबा, निगाहों का मचलना
तौबा जी तौबा, निगाहों का मचलना
देख भाल के ऐ दिलवाले, पहलू बदलना
देख भाल के ऐ दिलवाले, पहलू बदलना
काफ़िर अदा की, अदा है मस्ताना
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना..
जख्मी है तेरे, जाएँ तो कहाँ जाएँ
जख्मी है तेरे, जाएँ तो कहाँ जाएँ
तेरे तीर के मरे हुए देते है सदायें
तेरे तीर के मरे हुए देते है सदायें
कर दो जी घायल, तुम्हारा है जमाना
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना..
आया शिकारी, ओ पंछी तू संभल जा
आया शिकारी, ओ पंछी तू संभल जा
देख जाल है जुल्फोंका, तू चुपके से निकल जा
देख जाल है जुल्फोंका, तू चुपके से निकल जा
उड़ जा, ओ पंछी, शिकारी है दीवाना
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना..
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना..
फिल्म:सी.आई.डी.
गीतकार:जां निसार अख्तर
संगीत:ओ.पी.नय्यर
जीने दो जालिम, बनाओ न दीवाना
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना...
कोई न जाने, इरादे है किधर के
कोई न जाने, इरादे है किधर के
मार न देना तीर नजर का, किसी के जिगर पे
मार न देना तीर नजर का, किसी के जिगर पे
नाजुक ये दिल है, बचाना ओ बचाना
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना..
तौबा जी तौबा, निगाहों का मचलना
तौबा जी तौबा, निगाहों का मचलना
देख भाल के ऐ दिलवाले, पहलू बदलना
देख भाल के ऐ दिलवाले, पहलू बदलना
काफ़िर अदा की, अदा है मस्ताना
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना..
जख्मी है तेरे, जाएँ तो कहाँ जाएँ
जख्मी है तेरे, जाएँ तो कहाँ जाएँ
तेरे तीर के मरे हुए देते है सदायें
तेरे तीर के मरे हुए देते है सदायें
कर दो जी घायल, तुम्हारा है जमाना
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना..
आया शिकारी, ओ पंछी तू संभल जा
आया शिकारी, ओ पंछी तू संभल जा
देख जाल है जुल्फोंका, तू चुपके से निकल जा
देख जाल है जुल्फोंका, तू चुपके से निकल जा
उड़ जा, ओ पंछी, शिकारी है दीवाना
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना..
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना..
फिल्म:सी.आई.डी.
गीतकार:जां निसार अख्तर
संगीत:ओ.पी.नय्यर
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