Wednesday, December 15, 2010

कैसे बजे दिल का सितार

श \: निगाहें रुक गईं हाय कहाँ पर
 तड़प कर रह गया नग़मा ज़ुबाँ पर
र \: धुआँ सा उठ रहा है आसमाँ पर
 गिरी बिजली किसी के आशियाँ पर

श \: कैसे बजे दिल का सितार
 ठेंस लगी टूट गये तार
र \: बीता हुआ जीवन का प्यार
 हाय कोई आज गया हार

श \: ( दिल कहीं आवाज़ कहीं
 नग़मा कहीं साज़ कहीं ) \-२
र \: देख ये घबराई नज़र \-२
 खोल न दे राज़ कहीं \-२
श \: ओ
 आज कहे दिल बार\-बार
 नइया मेरी कैसे लगे पार

र \: ( दिल में छुपाये हुये ग़म
 कैसे रहूँ रह ना सकूँ
श \: टूट पड़े मुझ पे सितम
 और मैं कुछ कह ना सकूँ ) \-२
र \: ओ
 गीत में है दिल की पुकार
 गाये जा तू साजन के द्वार

फिल्म:चांदनी रात
गीतकार:शकील 
संगीतकार:नौशाद 
सहगायक : रफ़ी 

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