श \: निगाहें रुक गईं हाय कहाँ पर
तड़प कर रह गया नग़मा ज़ुबाँ पर
र \: धुआँ सा उठ रहा है आसमाँ पर
गिरी बिजली किसी के आशियाँ पर
श \: कैसे बजे दिल का सितार
ठेंस लगी टूट गये तार
र \: बीता हुआ जीवन का प्यार
हाय कोई आज गया हार
श \: ( दिल कहीं आवाज़ कहीं
नग़मा कहीं साज़ कहीं ) \-२
र \: देख ये घबराई नज़र \-२
खोल न दे राज़ कहीं \-२
श \: ओ
आज कहे दिल बार\-बार
नइया मेरी कैसे लगे पार
र \: ( दिल में छुपाये हुये ग़म
कैसे रहूँ रह ना सकूँ
श \: टूट पड़े मुझ पे सितम
और मैं कुछ कह ना सकूँ ) \-२
र \: ओ
गीत में है दिल की पुकार
गाये जा तू साजन के द्वार
फिल्म:चांदनी रात
गीतकार:शकील
संगीतकार:नौशाद
सहगायक : रफ़ी
Wednesday, December 15, 2010
कैसे बजे दिल का सितार
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