Wednesday, December 15, 2010

आँख मिली दिल चला गया

हो
आँख मिली दिल चला गया \-२
कोई प्यार की दुनिया बसा गया
आँख मिली दिल चला गया

वो चाँदनी रुत, वो मस्त पवन, हो \-२
जागा था जहाँ सोया हुआ मन \-२
फिर चलिये वहीं \-४
ओ ओ ओ
कहती है यही अब दिल की लगन \-२
कौन ये मुझमें समा गया
मेरे नैनों की निंदिया चुरा गया
आँख मिली दिल चला गया \-२

ओ
क्यूँ आज उमंगें नाच उठी, ओ नाच उठी \-२
अरमानों की दुनिया झूम गई \-२
चुपके से ना जाने किसकी नज़र \-२
आ कर मेरा दामन चूम गई \-२
कौन ये जादू जगा गया
सुध लूट के अपना बना गया
आँख मिली दिल चला गया

फिल्म:चांदनी रात
संगीतकार:एम्.इ.मुख़्तार 
गीतकार: शम्स लखनवी 

No comments:

Post a Comment