Tuesday, December 14, 2010

उन्हें छुप छुप के देखा है..

हंसी चेहरे पे ये जुल्फें गिरना, किससे सिखा है
मेरी जाँ चाँद बदली में छुपाना, किससे सिखा है
उन्हें छुप छुप के देखा है, इसे दीदार कहते है
इसे दीदार कहते है
दिया पहली नजर में दिल, इसी को प्यार कहते है
इसी को प्यार कहते है...
उन्हें छुप छुप के देखा है, इसे दीदार कहते है
इसे दीदार कहते है
जरा आँचल उठाकर देखने दो, चाँद सा मुखड़ा
अजी हाँ चाँद सा मुखड़ा
कहो तुम इसको आँचल, हम इसे दीवार कहते है
अजी दीवार कहते है
उन्हें छुप छुप के देखा है,उन्हें छुप छुप के देखा है,
इसे दीदार कहते है
दिया पहली नजर में दिल, इसी को प्यार कहते है
इसी को प्यार कहते है...

फिल्म:गौना

गीतकार:कमर जलालाबादी
संगीतकार:हुस्नलाल भगतराम

No comments:

Post a Comment