Tuesday, December 14, 2010

ओ मोटरवाली छोरी

ओ मोटरवाली छोरी
दिल ले जा चोरी चोरी
लरलाल्ल लल्लाला ...
ओ मोटरवाली छोरी
दिल ले जा चोरी चोरी
लरलाल्ल लल्लाला ...
मोटर मेरी, छैल छबीली
जैसे गुलाब का फूल
दिलवालों के अरमानों पर
जाये उड़ाती धुल
दिलवालों के अरमानों पर
जाये उड़ाती धुल
ओ छि:छि:छि;
ओ मोटरवाली छोरी
ओ मोटरवाली छोरी
दिल ले जा चोरी चोरी
दिल ले जा चोरी चोरी
ल ल , लल्ला लल्ला ला
हट जाएँ रस्ते से मुसाफिर
बोल रे होरन बोल
आहों की बैटरी इसमें
अश्कों का पैट्रोल
आहों की बैटरी इसमें
अश्कों का पैट्रोल
सुन्दर तेरी कार मगर
ये काली है की गोरी
ओ मोटरवाली छोरी
ओ मोटरवाली छोरी
ओ ss मोटरवाली छोरी
दिल ले जा चोरी चोरी
दिल ले जा चोरी चोरी
लरलाल्ल लल्लाला ...
इस मोटर को देखने वाला
थाम के दिल रह जाये
इस मोटर को देखने वाला
थाम के दिल रह जाये
पैसा कौड़ी पास नहीं
मन मुरख ढोंग रचाए
पैसा कौड़ी पास नहीं
मन मुरख ढोंग रचाए
मोटर हमने तेज किया है
आयाम वैरी सॉरी
ओ मोटरवाली छोरी
ओ ss मोटरवाली छोरी
दिल ले जा चोरी चोरी
दिल ले जा चोरी चोरी
लरलाल्ल लल्लाला ...

फिल्म:गृहस्थी

गीतकार:वाहिद कुरैशी
सहगायक:रामचंद्र चितलकर
संगीतकार:गुलाम मोहम्मद






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