Tuesday, December 14, 2010

अब तो जी होने लगा किसी की सूरत का सामना

( अब तो जी होने लगा किसी की सूरत का सामना
गोरी\-गोरी गोरियों को पड़े न कहीं रे दिल थामना ) \-२

( ठण्दी\-ठण्डी ठन्ड में देखो पवन चले
धीरे\-धीरे\-धीरे काहे मन में जले ) \-२
आजा काहे दूर जाये
देखो तेरे पास आये
गोरी तेरे साजना

अब तो जी होने लगा किसी की सूरत का सामना
गोरी\-गोरी गोरियों को पड़े न कहीं रे दिल थामना

( हँसी\-हँसी\-हँसी गोरी मन\-मन में
खिला\-खिला\-खिला प्यार तन\-मन में ) \-२
कारे\-कारे नैन खोले
सैंयाँ जी के पास डोले
हमें बतलाये ना

अब तो जी होने लगा किसी की सूरत का सामना
गोरी\-गोरी गोरियों को पड़े न कहीं रे दिल थामना

( जब\-जब\-जब नैना पिया से मिले
धक\-धक\-द्जक मोरा जियरा हिले ) \-२
दुनिया ना जान जाये
कोई पहचान जाये
ऐसा करे राम ना

( अब तो जी होने लगा किसी की सूरत का सामना
गोरी\-गोरी गोरियों को पड़े न कहीं रे दिल थामना ) \-२

फिल्म:मी.एंड मिसेज 55 
गीतकार:मजरूह 
संगीत:ओ.पी.नय्यर 

No comments:

Post a Comment