शमशाद : जिसने इस दुनिया में आकर
दिल न दिया और दिल न लिया
जीने को सौ साल जिया
ओ दिलवालों, दिल का लगाना
अच्छा है, पर कभी कभी....
दिल में किसी का प्यार बसना
अच्छा है, पर कभी कभी...
दुनिया में जो प्यार न होता
तुम ही कहो क्या होता
दुनिया में जो प्यार न होता
तुम ही कहो क्या होता
चितलकर : कोई न ठंडी आहें भरता
कोई न दर्द के मरे रोता
कोई न ठंडी आहें भरता
कोई न दर्द के मरे रोता
शमशाद: हंसाने वाले आंसू बहाना
अच्छा है, पर कभी कभी...
ओ दिलवालों, दिल का लगाना
अच्छा है, पर कभी कभी....
शमा न हो तो परवाने को
कौन गले से लगाये
चितलकर: शमा न हो तो परवाना क्यों
अपना आप जलाये
शमा न हो तो परवाना क्यों
अपना आप जलाये
शमशाद: किसी की खातिर जान जलना
अच्छा है, पर कभी कभी....
दोनों : ओ दिलवालों, दिल का लगाना
अच्छा है, पर कभी कभी....
दिल में किसी का प्यार बसना
अच्छा है, पर कभी कभी...
फिल्म: पतंगा
संगीतकार:सी.रामचंद्र
सहगायक: चितलकर
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
दिल न दिया और दिल न लिया
जीने को सौ साल जिया
ओ दिलवालों, दिल का लगाना
अच्छा है, पर कभी कभी....
दिल में किसी का प्यार बसना
अच्छा है, पर कभी कभी...
दुनिया में जो प्यार न होता
तुम ही कहो क्या होता
दुनिया में जो प्यार न होता
तुम ही कहो क्या होता
चितलकर : कोई न ठंडी आहें भरता
कोई न दर्द के मरे रोता
कोई न ठंडी आहें भरता
कोई न दर्द के मरे रोता
शमशाद: हंसाने वाले आंसू बहाना
अच्छा है, पर कभी कभी...
ओ दिलवालों, दिल का लगाना
अच्छा है, पर कभी कभी....
शमा न हो तो परवाने को
कौन गले से लगाये
चितलकर: शमा न हो तो परवाना क्यों
अपना आप जलाये
शमा न हो तो परवाना क्यों
अपना आप जलाये
शमशाद: किसी की खातिर जान जलना
अच्छा है, पर कभी कभी....
दोनों : ओ दिलवालों, दिल का लगाना
अच्छा है, पर कभी कभी....
दिल में किसी का प्यार बसना
अच्छा है, पर कभी कभी...
फिल्म: पतंगा
संगीतकार:सी.रामचंद्र
सहगायक: चितलकर
गीतकार: राजेंद्र कृष्ण
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