Wednesday, December 15, 2010

गाओ तराने मन के....

को \: होय
 हे
 होय गाओ तराने मन के जी
 आशा आई दुलहन बन के जी
 नाचो नाचो मन की ताल पे
 छम\-छम \-३

 होय आज ख़ुशी बन\-ठन के जी
 कर घर आई है दुलहन के जी
 नाचो नाचो मन की ताल पे
 छम\-छम \-३

श \: धक\-धक मं में ढोलक बाजे
 छम\-छम पग में पायल
 हो छम\-छम पग में पायल
को \: आ आ
 होय
 धक\-धक मं में ढोलक बाजे
 छम\-छम पग में पायल
ल \: बालम की नज़रों ने \-२
 किया है आज मेरा दिल घायल
को \: आ
 होय बालम की नज़रों ने
 किया है आज मेरा दिल घायल
श \: भेद मैं अपने खोलूँ ना
 कुछ बोलूँ ना
 संग डोलूँ ना

 तीर चले चितवन के जी
 रिमझिम आये दिन सावन के जी
 नाचो नाचो मन की ताल पे
 छम\-छम
र \: आहा
श \: छम\-छम
र \: वाह
श \: छम\-छम

श \: अपने पिया की जोगन बन जा
 छोड़ दे महल\-दुमहले
 हो छोड़ दे महल\-दुमहले
को \: ओ
 होय अपने पिया की जोगन बन जा
 छोड़ दे महल\-दुमहले
ल \: फूल वही सछा है \-२
 जो काँटों के दुख भी सह ले
को \: हो
 होय फूल वही सछा है
 जो काँटों के दुख भी सह ले
श \: प्यार को जब तुम जानोगे
 पहचानोगे
 फिर मानोगे

 रूप नये जीवन के जी
 मिलते हैं द्वारे साजन के जी
 नाचो नाचो मन की ताल पे

को \: होय गाओ तराने मन के जी
 आशा आई दुलहन बन के जी
 नाचो नाचो मन की ताल पे
 छम\-छम \-३

 होय आज ख़ुशी बन\-ठन के जी
 कर घर आई है दुलहन के जी
 नाचो नाचो मन की ताल पे
 छम\-छम \-३

 आ आ आ

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