को \: होय
हे
होय गाओ तराने मन के जी
आशा आई दुलहन बन के जी
नाचो नाचो मन की ताल पे
छम\-छम \-३
होय आज ख़ुशी बन\-ठन के जी
कर घर आई है दुलहन के जी
नाचो नाचो मन की ताल पे
छम\-छम \-३
श \: धक\-धक मं में ढोलक बाजे
छम\-छम पग में पायल
हो छम\-छम पग में पायल
को \: आ आ
होय
धक\-धक मं में ढोलक बाजे
छम\-छम पग में पायल
ल \: बालम की नज़रों ने \-२
किया है आज मेरा दिल घायल
को \: आ
होय बालम की नज़रों ने
किया है आज मेरा दिल घायल
श \: भेद मैं अपने खोलूँ ना
कुछ बोलूँ ना
संग डोलूँ ना
तीर चले चितवन के जी
रिमझिम आये दिन सावन के जी
नाचो नाचो मन की ताल पे
छम\-छम
र \: आहा
श \: छम\-छम
र \: वाह
श \: छम\-छम
श \: अपने पिया की जोगन बन जा
छोड़ दे महल\-दुमहले
हो छोड़ दे महल\-दुमहले
को \: ओ
होय अपने पिया की जोगन बन जा
छोड़ दे महल\-दुमहले
ल \: फूल वही सछा है \-२
जो काँटों के दुख भी सह ले
को \: हो
होय फूल वही सछा है
जो काँटों के दुख भी सह ले
श \: प्यार को जब तुम जानोगे
पहचानोगे
फिर मानोगे
रूप नये जीवन के जी
मिलते हैं द्वारे साजन के जी
नाचो नाचो मन की ताल पे
को \: होय गाओ तराने मन के जी
आशा आई दुलहन बन के जी
नाचो नाचो मन की ताल पे
छम\-छम \-३
होय आज ख़ुशी बन\-ठन के जी
कर घर आई है दुलहन के जी
नाचो नाचो मन की ताल पे
छम\-छम \-३
आ आ आ
Wednesday, December 15, 2010
गाओ तराने मन के....
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