ऐ ईचक बीचक चुरर्
दिल उड़ गया बाबू फुरर्
शुरू शुरू में प्यार कहेगा तू दिअलबर मैं जानी
धीरे धीरे रोग बढ़ा तब याद आयेगी नानी
नज़र का तीर सीने में लगा, गया दिल चीर
मन उलझा उलझी दो अखियाँ, हाय! अब क्यो हो तदबीर
ओय ईचक बीचक ...
अभी से एक के दो दो तुमको देने लगे दिखायी
सचमुच दोनो एक बने तो फिर क्या होगा भाई?
बाँवरे नैन न इन को नींद न इन को चैन
देखत है अब बाट किसी की ये पगले दिन रैन
ओय ईचक बीचक ...
फिल्म:बावरे नैन
गीतकार:केदार शर्मा
संगीतकार:रोशन
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