जवानी के दामन को रंगीं बना ले \-२
उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले
( तेरे रूख़ पे आयेगी रंगत सहर की
हँसा देगी कलिल्यों को शोख़ी नज़र की ) \-२
ये नज़रें किसी से मिलाकर झुका ले
उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले
( ये बदमस्त रातों का घहवारा (?) ज़ुल्फ़ें
ये जोश\-ए\-जवानी ये आवारा ज़ुल्फ़ें ) \-२
इन आवारा ज़ुल्फ़ों की रातें बसा ले
उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले
( निकल कर उलझना उलझकर निकलना
है इन्साँ की अज़मत सौ काँटों में चलना ) \-२
ये क्या है जो गुल से भी दामन बचा ले
उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले
( ये रातें तुझे गुदगुदायेंगी लेकिन
ये आँखें तेरी मुस्कुरायेंगी लेकिन ) \-२
अगर ये ख़लिश अपने दिल में बसा ले
उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले
( बीयावाँ भी है गुलसिताँ दिल के हाथों
ये दुनिया है दुनिया यहाँ दिल के हाथों
बहोत है अगर दो घड़ी मुस्कुरा ले
उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले
( जवानी तो है एक शय आनी\-जानी
बनाती है उल्फ़त इसे गैर\-फ़ानी
जवानी को आ गैर\-फ़ानी बना ले
उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले
जवानी के दामन को रंगीं बना ले
उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले
फिल्म:शाहजहाँ
संगीतकार:नौशाद
गीतकार:मजरूह सुलतानपुरी
Wednesday, December 15, 2010
जवानी के दामन को रंगी बना ले...
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