Wednesday, December 15, 2010

जवानी के दामन को रंगी बना ले...

जवानी के दामन को रंगीं बना ले \-२
उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले

( तेरे रूख़ पे आयेगी रंगत सहर की
हँसा देगी कलिल्यों को शोख़ी नज़र की ) \-२
ये नज़रें किसी से मिलाकर झुका ले

उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले

( ये बदमस्त रातों का घहवारा (?) ज़ुल्फ़ें
ये जोश\-ए\-जवानी ये आवारा ज़ुल्फ़ें ) \-२
इन आवारा ज़ुल्फ़ों की रातें बसा ले

उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले

( निकल कर उलझना उलझकर निकलना
है इन्साँ की अज़मत सौ काँटों में चलना ) \-२
ये क्या है जो गुल से भी दामन बचा ले

उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले

( ये रातें तुझे गुदगुदायेंगी लेकिन
ये आँखें तेरी मुस्कुरायेंगी लेकिन ) \-२
अगर ये ख़लिश अपने दिल में बसा ले

उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले

( बीयावाँ भी है गुलसिताँ दिल के हाथों
ये दुनिया है दुनिया यहाँ दिल के हाथों
बहोत है अगर दो घड़ी मुस्कुरा ले

उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले

( जवानी तो है एक शय आनी\-जानी
बनाती है उल्फ़त इसे गैर\-फ़ानी
जवानी को आ गैर\-फ़ानी बना ले

उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले

जवानी के दामन को रंगीं बना ले
उठा ले मोहब्बत की तोहमत उठा ले \-२
जवानी के दामन को रंगीं बना ले

फिल्म:शाहजहाँ 
संगीतकार:नौशाद 
गीतकार:मजरूह सुलतानपुरी 

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