चमन में रहके विराना...
मेरा दिल होता जाता है
ख़ुशी में आज कल
कुछ गम भी शामिल होता जाता है
चमन में रहके विराना...
न जाने क्यूँ बदलती जा रही है, जिंदगी मेरी
न जाने जिंदगी मेरी , मै दिल से बेखबर
दिल मुझसे गाफिल होता जाता है
चमन में रहके विराना...
ये उलझन और ये बेचैनी
ये धड़कन और ये बेताबी
ये धड़कन और ये बेताबी
मेरा दिल जाने किन तीरों से
घायल होता जाता है
ख़ुशी में आज कल
कुछ गम भी शामिल होता जाता है
चमन में रहके विराना...
फिल्म:दीदार
गीतकार:मजरूह सुलतानपूरी
संगीतकार:ओ.पी.नय्यर
मेरा दिल होता जाता है
ख़ुशी में आज कल
कुछ गम भी शामिल होता जाता है
चमन में रहके विराना...
न जाने क्यूँ बदलती जा रही है, जिंदगी मेरी
न जाने जिंदगी मेरी , मै दिल से बेखबर
दिल मुझसे गाफिल होता जाता है
चमन में रहके विराना...
ये उलझन और ये बेचैनी
ये धड़कन और ये बेताबी
ये धड़कन और ये बेताबी
मेरा दिल जाने किन तीरों से
घायल होता जाता है
ख़ुशी में आज कल
कुछ गम भी शामिल होता जाता है
चमन में रहके विराना...
फिल्म:दीदार
गीतकार:मजरूह सुलतानपूरी
संगीतकार:ओ.पी.नय्यर
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